गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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01:31 IST

चंद्रपुर: महादेव मंदिर परिसर में नियमविरुद्ध निर्माण, व्यापारी पर पुरातत्व विभाग की शिकायत पर केस दर्ज

गोल बाजार वॉर्ड में संरक्षित क्षेत्र में हो रहे बांधकाम को लेकर पुरातत्व विभाग ने बार-बार नोटिस दी थी, लेकिन काम नहीं रुका।

चंद्रपुर: महादेव मंदिर परिसर में नियमविरुद्ध निर्माण, व्यापारी पर पुरातत्व विभाग की शिकायत पर केस दर्ज
AI-generated representative image; not a photograph of the event | PT24

चंद्रपूर के गोल बाजार इलाके में ऐतिहासिक महादेव (मुरलीमनोहर) मंदिर के आसपास बिना इजाजत हो रहे बांधकाम को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने चंद्रपूर शहर पुलिस स्टेशन में एक व्यापारी के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। आरोपी का नाम देशबंधू साड़ी सेंटर के मोनिष शंभुनाथ केवलरामानी बताया गया है। विभाग की तरफ से बार-बार नोटिस भेजी गई थी, लेकिन इसके बावजूद बांधकाम रोका नहीं गया, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कानूनी कार्रवाई की।

पुरातत्व विभाग के अनुसार, चंद्रपूर का यह प्राचीन महादेव (मुरलीमनोहर) मंदिर भारत सरकार की 11 अप्रैल 1925 की अधिसूचना के तहत केंद्रीय संरक्षित और राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया है। प्राचीन संस्मारक और पुरातत्व स्थल व अवशेष अधिनियम 1958 (संशोधित 2010) के तहत ऐसे संरक्षित स्मारक की सीमा से 100 मीटर तक का इलाका "प्रतिषिद्ध क्षेत्र" और उसके आगे 200 मीटर तक का इलाका "विनियमित क्षेत्र" माना जाता है। इस पूरे क्षेत्र में बिना सक्षम अधिकारियों की पूर्व इजाजत के किसी भी तरह की खुदाई या नया बांधकाम करना कानूनन सख्त मना है।

शिकायत के मुताबिक, गोल बाजार वॉर्ड में मोनिष केवलरामानी ने इस मंदिर से मात्र 103 मीटर की दूरी पर, यानी विनियमित क्षेत्र में, नया बांधकाम शुरू कर दिया था। इस बांधकाम के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण या राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (सायन फोर्ट, मुंबई) से कोई भी कानूनी मंजूरी नहीं ली गई थी। जैसे ही यह मामला पुरातत्व विभाग के ध्यान में आया, चंद्रपूर उपमंडल कार्यालय ने पहले नोटिस भेजी और उसके बाद नागपुर मंडल कार्यालय की तरफ से भी कारण बताओ नोटिस जारी की गई। लेकिन इन तमाम नोटिसों को नजरअंदाज करते हुए बांधकाम रोकने के बजाय जारी रखा गया।

प्रशासनिक आदेशों और प्राचीन स्मारक संरक्षण कानून का साफ उल्लंघन होते देख आखिरकार पुरातत्व विभाग ने चंद्रपूर शहर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उपमंडल चंद्रपूर के वरिष्ठ संरक्षण सहायक शुभम रामदास कोरे की तरफ से दी गई थी। इसके आधार पर थाना प्रभारी अधिकारी और पुलिस निरीक्षक निशिकांत रामटेके के मार्गदर्शन में आरोपी मोनिष शंभुनाथ केवलरामानी के खिलाफ प्राचीन संस्मारक और पुरातत्व स्थल व अवशेष अधिनियम 1958 (संशोधित 2010) की धारा 30(बी) के तहत केस दर्ज किया गया है।

इस कानून के तहत बिना इजाजत बांधकाम करने पर दो साल तक की कैद, एक लाख रुपए तक का जुर्माना, या दोनों सजाएं हो सकती हैं। मामले की आगे की जांच पुलिस हवलदार दीपक भास्कर गुरनुले को सौंपी गई है। पुरातत्व विभाग ने साफ कहा है कि ऐतिहासिक और राष्ट्रीय धरोहर वाले इलाकों में गैरकानूनी खुदाई या बांधकाम करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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