गुरूवार, 17 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
01:34 IST

बीड: बारिश न होने से सोयाबीन सूखा, किसानों ने सरकार को घेरा

बीड जिले में पिछले डेढ़ महीने से बारिश न होने से सोयाबीन की फसल सूख गई, नुकसान का जायजा लेने अभी तक कोई मंत्री, विधायक या सांसद नहीं पहुंचा, किसानों ने सरकार से सूखा घोषित करने की मांग की है।

बीड: बारिश न होने से सोयाबीन सूखा, किसानों ने सरकार को घेरा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

बरसात का सीजन शुरू हुए तीन से साढ़े तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन बीड जिले के कई इलाकों में बारिश ने पूरी तरह मुंह मोड़ लिया है। पानी की कमी से खेतों में खड़ी फसलें सूखने लगी हैं, जिससे किसानों पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हाथ में आते-आते फसल आंखों के सामने जलती देख किसानों का सब्र अब टूटने लगा है।

बीड के किसानों ने एक मराठी न्यूज चैनल से बात करते हुए सरकार के कामकाज पर जमकर नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि "किसान मरे या जिए, सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता।" उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत इस हालात का संज्ञान लेकर सूखा घोषित करने की मांग की है।

किसानों ने सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन में जाने के लिए सरकार के पास वक्त है, लेकिन किसानों के खेत पर जाकर उनके नुकसान की जांच करने के लिए वक्त नहीं है। किसानों ने साफ कहा कि "जरांगे से हमें कोई विरोध नहीं है, लेकिन किसान भी जिंदा रहना चाहिए।" उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की।

किसानों ने यह भी कहा कि नुकसान का जायजा लेने के लिए अभी तक कोई मंत्री, विधायक, सांसद या सरकार का कोई प्रतिनिधि खेत पर नहीं पहुंचा है। इस पर तंज कसते हुए किसानों ने कहा कि "अगर खेत में गांजे का एक पौधा मिला होता तो पूरा प्रशासन दौड़ा चला आता।" उन्होंने प्रशासन के तरीके पर नाराजगी जताते हुए बताया कि बारिश न होने से मवेशियों के लिए चारे-पानी की दिक्कत खड़ी हो गई है और उनके हाथ में कोई काम भी नहीं बचा है।

पिछले डेढ़ महीने से बारिश न होने के चलते छह एकड़ में लगी सोयाबीन की फसल पूरी तरह सूख गई। मजदूर लगाने का खर्च उठाना मुश्किल होने के चलते बाप-बेटे को खुद अपने हाथों से फसल उखाड़नी पड़ी, यह हालत देखकर किसानों की बेबसी साफ झलकती है। संबंधित किसान ने बताया कि इस फसल पर दो से ढाई लाख रुपये ब्याज पर लेकर खर्च किए गए थे।

इसी बीच किसानों ने सरकार और विपक्ष दोनों पर नाराजगी जताई है। अब बीड के किसानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस गंभीर हालात का संज्ञान लेकर मदद की घोषणा कब करती है और सूखा घोषित करती है या नहीं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे