मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:12 IST

बेसहारा बच्चों की परवरिश के लिए हर महीने 2250 रुपये सीधे खाते में, जानिए योजना

महिला व बाल विकास विभाग की क्रांतिज्योती सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना में 0 से 18 साल के जरूरतमंद बच्चों को दरमहा 2250 रुपये मिलते हैं।

बेसहारा बच्चों की परवरिश के लिए हर महीने 2250 रुपये सीधे खाते में, जानिए योजना
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

महाराष्ट्र में महिला व बाल विकास विभाग 'क्रांतिज्योती सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना' चला रहा है। यह योजना राज्य के 0 से 18 साल तक के उन बच्चों के लिए है जो अनाथ हैं, बेघर हैं, जिनका एक ही पालक है या जो गंभीर हालात में फंसे हैं।

योजना का मकसद यह है कि पात्र बच्चों को बालगृह में रखने की जगह उनके रिश्तेदारों के पास पारिवारिक माहौल में रखा जाए और वहीं उनकी परवरिश हो। इसके लिए हर महीने 2250 रुपये की आर्थिक मदद सीधे बैंक खाते में (डीबीटी) जमा की जाती है।

विभाग का कहना है कि इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो और उन्हें पढ़ाई और सेहत की सुविधाएं मिलें। विभाग यह योजना अलग-अलग सामाजिक संस्थाओं के जरिए राज्य में चला रहा है।

योजना का फायदा इन बच्चों को मिलता है: अनाथ और बेघर बच्चे, एक पालक वाले बच्चे, बीमार या दिव्यांग पालकों के बच्चे, जेल में सजा काट रहे कैदियों के बच्चे, घरेलू हिंसा या गंभीर बीमारी से जूझ रहे पालकों के बच्चे, बालमजदूर, सड़क पर रहने वाले बच्चे और वे बच्चे जिन्हें बाल कल्याण समिति ने देखभाल और सुरक्षा की जरूरत वाला घोषित किया है।

पात्रता के लिए बच्चे का महाराष्ट्र का निवासी होना जरूरी है। परिवार की सालाना आमदनी 2 लाख 50 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।

अर्जी के साथ बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र या बोनाफाईड सर्टिफिकेट, आमदनी का दाखला और आधार कार्ड देना होगा। साथ ही बच्चे और पालक या संगोपन करने वाले के जुड़े खाते की बैंक पासबुक और घर के सामने पालक के साथ बच्चे की फोटो भी लगानी होगी। लागू हो तो माता-पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र और स्कूल में पढ़ रहे बच्चे का बोनाफाईड सर्टिफिकेट भी जोड़ना होगा।

मुंबई शहर जिले में सरकार से मान्यता प्राप्त प्रवास फाउंडेशन और मानव विकास फाउंडेशन यह योजना लागू कर रही हैं। पात्र बच्चों के पालक या रिश्तेदार जिला महिला व बाल विकास अधिकारी कार्यालय, स्थानीय बाल कल्याण समिति या मान्यताप्राप्त स्वयंसेवी संस्था के जरिए अर्जी दे सकते हैं।

जिला महिला व बाल विकास अधिकारी कार्यालय, मुंबई शहर ने अपील की है कि इलाके के अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को योजना का फायदा दिलाने के लिए नागरिक, स्कूल, सामाजिक संस्थाएं और जनप्रतिनिधि पहल करें।

ज्यादा जानकारी के लिए जिला महिला व बाल विकास अधिकारी कार्यालय, मुंबई शहर, पहली मंजिल, 117 बीडीडी चाल, वरली, मुंबई-400018 पर या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे