अमरावतीः एचएसआरपी न लगाने पर ९१९ गाड़ियों पर कार्रवाई, ८७ हजार का दंड वसूला
आरटीओ की स्पेशल मुहिम में अब तक २६९० गाड़ियों की जांच, पहली बार पकड़े जाने पर ५०० से १००० रुपये का दंड
हाय सिक्युरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी एचएसआरपी लगाना अनिवार्य होने के बावजूद बहुत सारे गाड़ी मालिक इस नियम को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। इसी को देखते हुए प्रादेशिक परिवहन विभाग यानी आरटीओ ने अमरावती में कार्रवाई तेज कर दी है। स्पेशल जांच मुहिम के तहत अब तक २६९० गाड़ियों की चेकिंग की गई, जिसमें से ९१९ गाड़ी मालिकों पर एचएसआरपी न होने की वजह से कार्रवाई हुई और कुल ८७ हजार रुपये का दंड वसूला गया।
पुरानी गाड़ियों पर एचएसआरपी लगाने के लिए सरकार ने पहले करीब पांच बार मुदत बढ़ाई थी। लेकिन जांच के दौरान पता चला कि मुदत खत्म होने के बाद भी बहुत सारे गाड़ी मालिकों ने नई नंबर प्लेट नहीं लगाई। इसी के चलते आरटीओ ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मुहिम और सख्त कर दी है।
उप-प्रादेशिक परिवहन अधिकारी नंदकिशोर काळे ने बताया कि शहर और जिले में छह भरारी पथक लगातार जांच कर रहे हैं और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत ई-चलान के जरिए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक गाड़ी मालिकों से ८७ हजार रुपये का दंड वसूल किया जा चुका है।
आरटीओ ने गाड़ी मालिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द एचएसआरपी लगवाकर नियम का पालन करें। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि आगे यह स्पेशल जांच मुहिम और सख्ती से चलाई जाएगी।
अमरावती जिले में एचएसआरपी न लगाने वाली गाड़ियों पर सीधी दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया १ जुलाई से शुरू की गई है। जिले में १ अप्रैल २०१९ से पहले रजिस्टर हुई करीब ३ लाख ८४ हजार गाड़ियां ऐसी हैं जिन पर अभी तक एचएसआरपी प्लेट नहीं लगी। ये सारी गाड़ियां आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस के रडार पर हैं।
जिले में कुल ७.५ लाख गाड़ियों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है। जिन गाड़ियों पर यह नंबर प्लेट नहीं मिलेगी, उन पर १ हजार रुपये का दंड लगाया जा रहा है। दंड भरने के अलावा, जब तक गाड़ी पर एचएसआरपी प्लेट नहीं लगती, तब तक आरटीओ ऑफिस के जरूरी काम जैसे पता बदलना, लाइसेंस रिन्यूअल और गाड़ी ट्रांसफर पूरी तरह ब्लॉक कर दिए गए हैं।
पहले नागरिकों की तरफ से इस मामले में काफी लापरवाही देखी गई थी। बहुत सारे गाड़ी मालिकों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन तो करवाया, लेकिन नंबर प्लेट ऑफिशियल सेंटर पर आने के बाद भी उसे लगवाया नहीं। नतीजा यह है कि आज भी बहुत सारी गाड़ियों की एचएसआरपी प्लेट ऑफिशियल सेंटरों पर १५-१५ दिन से पड़ी हुई हैं। गाड़ी मालिकों को दिक्कत न हो इसलिए परिवहन विभाग ने एचएसआरपी लगाने की मुदत पांच बार बढ़ाई थी। अब मुदत खत्म होने के बाद नियम को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया गया है और दंडात्मक कार्रवाई को भी रफ्तार दी गई है।