ऐप टैक्सी ड्राइवरों की पूरी जानकारी तीन महीने में देनी होगी, परिवहन मंत्री सरनाईक का आदेश
महाराष्ट्र में एग्रीगेटर पॉलिसी 2026 लागू करने के लिए Uber, Ola जैसी कंपनियों को ड्राइवरों का ब्योरा परिवहन विभाग को सौंपना होगा।
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महाराष्ट्र में 'एग्रीगेटर पॉलिसी 2026' को ठीक से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने ऐप के जरिए टैक्सी सर्विस देने वाली कंपनियों को अपने ड्राइवरों की पूरी जानकारी परिवहन विभाग के पास जमा करने को कहा है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ किया कि ड्राइवरों की पहचान, कहां रहते हैं और उनके जरूरी कागजात की पड़ताल के बाद जो ड्राइवर योग्य पाए जाएंगे, उन्हें 'धर्मवीर आनंद दिघे साहेब महाराष्ट्र ऑटो रिक्शा व टैक्सी चालक-मालक कल्याणकारी मंडल' की मेंबरशिप दी जाएगी। इसके लिए ड्राइवरों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट और बाकी सारी जरूरी जानकारी तीन महीने के भीतर देनी होगी।
यह निर्देश मंत्रालय में मंत्री प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में हुई एक रिव्यू मीटिंग में दिया गया, जिसमें 'एग्रीगेटर पॉलिसी 2026' को लागू करने की प्रगति पर चर्चा हुई। इस मीटिंग में परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी और रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इसके अलावा भारत टैक्सी, रैपिडो, उबर, ओला, शालिनी कैब और सिटीफ्लो जैसी ऐप आधारित टैक्सी कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मीटिंग में इस बात पर भी बात हुई कि कल्याणकारी मंडल के जरिए ऐप टैक्सी में काम करने वाले ड्राइवरों को अलग-अलग सुविधाएं कैसे दी जाएं। मंत्री सरनाईक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्राइवर और उनके परिवार को लेबर लॉ के तहत मिलने वाली सारी सेवा-सुविधाओं का फायदा मिले, इसके लिए जरूरी कार्रवाई की जाए।
यात्रियों की सेफ्टी के लिहाज से यह जरूरी है कि ड्राइवर की पहचान और वो कहां रहते हैं, इसकी पूरी पुष्टि हो। इसी वजह से ड्राइवरों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट देना होगा और उनके लिए व्यावहारिक मराठी भाषा भी अनिवार्य कर दी जाएगी। मंत्री सरनाईक ने बताया कि योग्य पाए गए ड्राइवरों को परिवहन विभाग की तरफ से बैज दिया जाएगा, साथ ही उन्हें कल्याणकारी मंडल का सदस्य बनाकर उनके परिवार को भी मंडल की अलग-अलग योजनाओं का फायदा मिलेगा।
मंत्री सरनाईक ने यह भी कहा कि एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत ड्राइवरों को जरूरी सुविधाएं देते वक्त यात्रियों की सेफ्टी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हादसे और अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए ड्राइवरों के एप्लिकेशन और जरूरी कागजात की पड़ताल बहुत बारीकी से की जानी चाहिए, ऐसी सूचना भी उन्होंने दी।
संबंधित ऐप आधारित टैक्सी कंपनियों को ड्राइवरों की जरूरी जानकारी इकट्ठा करके परिवहन विभाग के पास जमा करने के लिए तीन महीने का वक्त दिया गया है। इस अवधि में ड्राइवरों की पूरी जानकारी, डोमिसाइल सर्टिफिकेट और जरूरी कागजात जमा करने का निर्देश मंत्री प्रताप सरनाईक ने दिया है।