गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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04:50 IST

आठवें वेतन आयोग में पेंशन साफ हो: रिटायर्ड कर्मचारी संगठन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

रिटायर्ड कर्मचारी कल्याण संगठन REWA ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आठवें वेतन आयोग के दायरे में पेंशन सुधार को लेकर साफ-साफ बताने की मांग की है।

आठवें वेतन आयोग में पेंशन साफ हो: रिटायर्ड कर्मचारी संगठन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों की निगाहें इन दिनों आठवें वेतन आयोग पर टिकी हैं। सैलरी, भत्तों और पेंशन में सुधार की उम्मीद में कर्मचारी संगठन और अलग-अलग तबके लगातार आयोग के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं। अब रिटायर्ड केंद्र सरकारी कर्मचारियों ने भी अपनी बात रखने के लिए आवाज उठाई है।

रिटायर्ड एम्प्लॉईज वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आठवें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र यानी टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को लेकर एक अहम मांग रखी है। संगठन का कहना है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके केंद्र सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और फैमिली पेंशन में होने वाले सुधार को लेकर साफ जानकारी दी जाए।

REWA ने इस मामले में पीएम मोदी से खुद दखल देने की गुजारिश की है। साथ ही यह भी मांग रखी है कि जब तक आयोग के ToR में पेंशनरों से जुड़े प्रावधान साफ नहीं किए जाते, तब तक सरकार इस बारे में एक ऑफिशियल प्रेस नोट या स्पष्टीकरण जारी करे।

दरअसल REWA को आयोग के कार्यक्षेत्र में दर्ज प्रावधानों को लेकर ही आपत्ति है। संगठन के मुताबिक, ToR में पेंशन ढांचे की समीक्षा करने की बात तो लिखी है, लेकिन इसे मुख्य रूप से अभी नौकरी कर रहे कर्मचारियों के हिसाब से ही पढ़ा जा सकता है। यही डर रिटायर्ड कर्मचारियों को सता रहा है। इसीलिए संगठन ने कहा है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को पेंशन सुधार का फायदा मिलेगा या नहीं, इस पर स्पष्टता जरूरी है।

गौरतलब है कि नवंबर 2025 में केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के ToR को मंजूरी दी थी। इसके पॉइंट 2(इ) में आयोग को पेंशन ढांचे की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के साथ-साथ NPS के बाहर आने वाली स्कीमों के तहत आने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रैच्युटी और पेंशन ढांचे की समीक्षा का भी इसमें जिक्र है। लेकिन REWA का दावा है कि इसी प्रावधान में मौजूदा पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों के सुधार को लेकर पर्याप्त साफगोई नहीं है।

अपनी मांग के समर्थन में REWA ने सातवें वेतन आयोग के ToR का हवाला भी दिया है। संगठन का कहना है कि पिछले वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में पेंशन और फैमिली पेंशन से जुड़े सुधारों को ज्यादा साफ तरीके से लिखा गया था। इसीलिए मांग है कि आठवें वेतन आयोग के ToR में भी पेंशन और फैमिली पेंशन सुधार को लेकर साफ शब्दों में प्रावधान किया जाए।

आठवें वेतन आयोग की फाइनल रिपोर्ट कब आएगी, इसे लेकर केंद्र सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों में उत्सुकता बनी हुई है। इसी बीच REWA की मांग ने पेंशन सुधार के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। अगर केंद्र सरकार संगठन की मांग पर गौर करते हुए ToR में बदलाव करती है, तो आयोग की रिपोर्ट आने से पहले ही पेंशनरों के लिए बड़ा फैसला हो सकता है। अब सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और ToR में कोई सुधार होता है या नहीं, इस पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर टिकी है।

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