आईआरसीटीसी की बड़ी कार्रवाई, तिकट दलाली रोकने के लिए 9 करोड़ से ज्यादा खाते निशाने पर
रेलवे टिकट की कालाबाजारी और दलाली रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें करोड़ों फर्जी और संदिग्ध खाते बंद या सस्पेंड किए गए हैं।
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इंडियन रेलवे केटरिंग अँड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी आईआरसीटीसी ने ऑनलाइन रेलवे टिकट की कालाबाजारी और दलालों पर लगाम कसने के लिए अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। फर्जी यूजर आयडी बनाकर सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने वाले एजेंट और दलालों के 3 करोड़ 4 लाख खाते आईआरसीटीसी ने हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए 6.33 करोड़ और खातों को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है। इन खाताधारकों की पहचान की पुष्टि होने तक ये लोग टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।
आईआरसीटीसी के मुताबिक कई एजेंट फर्जी ईमेल आईडी और नंबरों के जरिए यूजर अकाउंट बनाते थे और सुबह टिकट बुकिंग शुरू होते ही बड़ी तादाद में टिकट बुक कर लेते थे। ये टिकट बाद में त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में मजबूर यात्रियों को मनमाने दामों पर बेचे जाते थे।
इस गड़बड़ी को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया है। एडवांस रिजर्वेशन विंडो खुलने के बाद पहले 10 मिनट में यानी सुबह 8 बजे से 8:10 बजे तक अधिकृत एजेंटों को टिकट बुक करने की इजाजत नहीं होगी। साथ ही एडवांस बुकिंग विंडो के दौरान टिकट बुक करने के लिए यूजर को अपना सरकारी पहचान पत्र यानी बायोमेट्रिक या वेरिफाइड आईडी वेरिफाई करना अनिवार्य कर दिया गया है।
आईआरसीटीसी का कहना है कि एंटी-बॉट सिस्टम और कंटेंट डिलिवरी नेटवर्क जैसी आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से फर्जी सॉफ्टवेयर और बॉट्स के जरिए होने वाली बुकिंग में 55 से 65 फीसदी तक की गिरावट आई है।
इस साल त्योहारी सीजन में बुकिंग के नए रिकॉर्ड भी बने हैं। 7 सितंबर को आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर एक ही दिन में रिकॉर्ड 20 लाख से ज्यादा टिकट बुक हुए, जो इस साल की सबसे बड़ी एक दिन की बुकिंग है। इसने 19 अगस्त 2025 को बने 18.40 लाख टिकट के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
दलाली और कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए आईआरसीटीसी ने पिछले साल अक्टूबर से एक खास मुहिम चलाई है। इस दौरान 16,041 संदिग्ध ईमेल डोमेन ब्लॉक किए गए हैं और साइबर क्राइम पोर्टल पर 4.21 लाख संदिग्ध पीएनआर से जुड़ी 592 शिकायतें दर्ज की गई हैं।