गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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04:50 IST

8वां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहा तो शिपाई से अफसर तक सैलरी में कितना उछाल

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग का इंतजार, 2.57 फिटमेंट फैक्टर मान लें तो देखें कितनी बढ़ सकती है बेसिक सैलरी

8वां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहा तो शिपाई से अफसर तक सैलरी में कितना उछाल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नजर इस वक्त 8वें केंद्रीय वेतन आयोग पर टिकी है। नया वेतन आयोग लागू होने के बाद बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह जानने की उत्सुकता लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों में बनी हुई है। इस पूरे हिसाब-किताब की चाबी है फिटमेंट फैक्टर, जो अभी तय नहीं हुआ है। फिलहाल 2.57 का फिटमेंट फैक्टर मान कर कुछ उदाहरणों से संभावित सैलरी बढ़ोतरी का अंदाजा लगाया जा रहा है।

फिटमेंट फैक्टर दरअसल वह गुणक है जिससे कर्मचारी की पुरानी बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। 8वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने की चर्चा है, जिससे सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन साफ कर देना जरूरी है कि 2.57 का आंकड़ा सिर्फ एक अनुमान है, 8वें वेतन आयोग का असली फिटमेंट फैक्टर अभी सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है।

लेवल-1 के शिपाई या एमटीएस कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है। 2.57 का फिटमेंट फैक्टर मान लें तो 18,000 रुपए गुणा 2.57 बराबर 46,260 रुपए होता है। यानी मौजूदा बेसिक सैलरी की तुलना में 28,260 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

लेवल-6 के टीचरों की मौजूदा बेसिक सैलरी 35,400 रुपए है। इसी फिटमेंट फैक्टर से गणित करें तो 35,400 रुपए गुणा 2.57 बराबर 90,978 रुपए बैठता है। यानी टीचरों की संभावित नई बेसिक सैलरी 90,978 रुपए तक जा सकती है।

लेवल-10 के अफसरों की मौजूदा बेसिक सैलरी 56,100 रुपए है। 2.57 फिटमेंट फैक्टर लगाने पर यह सैलरी करीब 1 लाख 44 हजार रुपए तक पहुंच जाती है। हिसाब देखें तो 56,100 रुपए गुणा 2.57 बराबर 1,44,177 रुपए होता है। यानी इस अनुमान के मुताबिक लेवल-10 अफसरों की नई बेसिक सैलरी 1,44,177 रुपए तक जा सकती है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि कर्मचारी के हाथ में आने वाली कुल सैलरी सिर्फ बेसिक पर तय नहीं होती। महंगाई भत्ता यानी डीए, हाउस रेंट अलाउंस यानी एचआरए, ट्रैवल अलाउंस यानी टीए जैसे कई भत्ते भी कुल सैलरी में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसलिए नई बेसिक सैलरी तय होने के बाद असली कुल सैलरी इन उदाहरणों से अलग हो सकती है। 8वां वेतन आयोग लागू करते वक्त डीए, एचआरए, टीए और बाकी भत्तों के नियमों में भी बदलाव हो सकता है, इसलिए सिर्फ फिटमेंट फैक्टर के आधार पर आखिरी सैलरी कितनी होगी, यह अभी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता।

8वें वेतन आयोग का फायदा सिर्फ काम कर रहे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, पेंशनरों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है। उदाहरण के तौर पर, कम से कम 9,000 रुपए पेंशन पर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर मान लें तो 9,000 रुपए गुणा 2.57 बराबर 23,130 रुपए होता है। यानी इस हिसाब से 9,000 रुपए की पेंशन बढ़कर 23,130 रुपए तक जा सकती है।

हालांकि यह सारी आकड़ेबाजी अनुमान पर आधारित है। नया पे-स्केल, इन्क्रीमेंट, भत्ते, डीए और पेंशन में असल में क्या बदलाव होंगे, यह सरकार का आधिकारिक फैसला आने के बाद ही साफ होगा। इसलिए फिलहाल 2.57 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बताई गई सैलरी बढ़ोतरी को अंतिम आंकड़ा नहीं समझना चाहिए।

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