मुंबई चैप्टर की कमान प्रवीण दाभाडे को, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने सौंपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी
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युनायटेड चेंबर ऑफ कॉमर्स अँड इंडस्ट्रीज फॉर एग्रीकल्चर ने प्रवीण दाभाडे को अपने मुंबई चैप्टर का अध्यक्ष बनाया है। नए उद्यमियों को मार्गदर्शन देने पर जोर रहेगा।
उद्यमिता को बढ़ावा देने और नए कारोबारियों को सही मंच देने के इरादे से युनायटेड चेंबर ऑफ कॉमर्स अँड इंडस्ट्रीज फॉर एग्रीकल्चर ने एक अहम कदम उठाया है। संस्था ने प्रवीण दाभाडे को अपने मुंबई चैप्टर का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ में हाल ही में हुई बैठक में जाहिर की गई। संस्था के अध्यक्ष चंद्रकांत दादा जगताप के हाथों दाभाडे को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में उद्योग, व्यापार, कृषि और अलग-अलग पेशेवर क्षेत्रों के मान्यवर, उद्यमी और संस्था के पदाधिकारी मौजूद थे। नियुक्ति के बाद प्रवीण दाभाडे ने संस्था के अध्यक्ष चंद्रकांत दादा जगताप, संचालक मंडल और वहां मौजूद सभी मान्यवरों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि संस्था ने जो भरोसा दिखाया है, उसे सही साबित करने की पूरी कोशिश रहेगी।
नए उद्यमियों को मिलेगा मार्गदर्शन। मुंबई जैसे आर्थिक रूप से अहम शहर के उद्यमियों, व्यापारियों, पेशेवरों और नए कारोबारियों को एक ही मंच पर लाना मुंबई चैप्टर का मुख्य मकसद होगा। खास तौर पर जो नौजवान नया काम शुरू करना चाहते हैं, और जो छोटे और मध्यम उद्यमी अपना कारोबार बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें जरूरी मार्गदर्शन, ट्रेनिंग और सहयोग दिया जाएगा।
कारोबार शुरू करने से लेकर उसे फैलाने तक जिन चीजों की जरूरत पड़ती है, यानी हुनर, बाजार की जानकारी, बिजनेस मैनेजमेंट और पैसों की प्लानिंग, उन पर रास्ता दिखाया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग ट्रेनिंग वर्कशॉप, उद्यमिता विकास कार्यक्रम और कारोबारी बातचीत के मेले लगाए जाएंगे।
बैंकों और सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। नए उद्यमी पैसों की दिक्कतों से पार पा सकें, इसलिए उन्हें बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और सरकारी योजनाओं में मिलने वाली आर्थिक मदद के मौकों तक पहुंचाने की कोशिश होगी। इसके अलावा उद्योग और कृषि क्षेत्र के उद्यमियों के बीच तालमेल बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने और रोजगार पैदा करने पर भी जोर रहेगा।
महिला और युवा उद्यमियों के लिए खास कोशिश। महिला और नौजवान उद्यमियों को कारोबार की मुख्यधारा में लाने के लिए खास पहल चलाई जाएंगी। हुनर के विकास, पेशेवर ट्रेनिंग और आपसी सहयोग के जरिए एक मजबूत कारोबारी माहौल बनाने की कोशिश रहेगी। प्रवीण दाभाडे ने कहा कि मुंबई के उद्यमियों को सिर्फ मंच देकर नहीं रुकना है, बल्कि उनकी कारोबारी तरक्की के लिए सीधा सहयोग और नए मौके तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
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