सायन ब्रिज का उद्घाटन हुआ, पर खुला नहीं, तो बाइक वालों ने खुद हटा दिए बैरिकेड
उद्घाटन के बाद भी सायन रेल ओवरब्रिज आम लोगों के लिए नहीं खुला, तो करीब 100 दोपहिया सवारों ने कंक्रीट के बैरिकेड सरका दिए।
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गुरुवार दोपहर सायन रेल ओवरब्रिज के पास लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुल का उद्घाटन हो चुका था, लेकिन उसे आम लोगों के लिए खोला नहीं गया था। इससे नाराज़ करीब 100 दोपहिया सवारों ने भारी कंक्रीट के बैरिकेड हटा दिए, ताकि सायन स्टेशन से धारावी की तरफ बाइकें निकल सकें।
मौके पर मौजूद एक नगर निगम अधिकारी ने मिड-डे के वरिष्ठ फोटोग्राफर सैयद समीर आबेदी को बताया कि औपचारिक उद्घाटन दोपहर 1 बजे से 1.30 बजे के बीच हो गया था। लेकिन पुल पूरी तरह आम लोगों के लिए शाम 5 से 6 बजे के बीच ही खुलेगा, क्योंकि पुल के एक तरफ लगा पंडाल शाम तक हटाया जाना था।
करीब 1.45 बजे फोटोग्राफर ने देखा कि सायन स्टेशन और धारावी को जोड़ने वाले हिस्से के पास जमा हुए दोपहिया सवार अपनी बाइकों से उतरे और रास्ता रोकने वाले कंक्रीट के बैरिकेड सरकाने लगे। आखिरकार वे एक ब्लॉक हटाने में कामयाब रहे और दोपहिया वाहनों के निकलने की जगह बन गई।
पुल खुलने का इंतज़ार कर रहे लोगों ने अधिकारियों पर नाराज़गी जताई। उनका सवाल था कि जो पुल दो साल से ज़्यादा वक्त से बंद था, उसका उद्घाटन करने का क्या मतलब, जब लोग उस पर चल ही नहीं सकते। धारावी से सायन जा रहे एक वाहन चालक ने कहा, "सरकारी कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी ट्रैफिक न चलने देने की बात हमारी समझ में नहीं आती। हाथ में मामला लेने के सिवा हमारे पास कोई चारा नहीं था। बस एक दिन और तकलीफ होती, वह भी बेवजह।"
बाकी दो पुल भी उसी दोपहर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के साथ वर्चुअल तरीके से खोले। ये हैं विद्याविहार का पूर्व-पश्चिम पुल और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) का गोरेगांव कनेक्टर। लेकिन देर शाम तक इन पर आवाजाही सीमित रही, जिससे नई सुविधा का इस्तेमाल करने को बेताब लोग परेशान हुए।
विद्याविहार का पुल इसलिए बंद रहा कि उद्घाटन समारोह की सजावट हटानी थी। विद्याविहार पश्चिम के रहने वाले नरेंद्र दाभोलकर ने कहा, "हम खुश थे कि आखिर पुल खुल गया। पर शाम 7 बजे तक हमें उसका इस्तेमाल नहीं करने दिया गया। मैं उसी वक्त वहां के पास था और तब भी बैरिकेड नहीं हटे थे।"
गोरेगांव में फिल्म सिटी से दिंडोशी कोर्ट की तरफ जाने वाले कनेक्टर की कैरिजवे शाम तक बंद रही, क्योंकि उस हिस्से पर पंडाल लगा था। इस पर स्थानीय लोग नाराज़ दिखे। ओबेरॉय मॉल के पास रहने वाली संघर्षरत कलाकार हिमानी राजपूत ने कहा, "उम्मीद है कि इस कनेक्टर के खुलने से अब शूटिंग के लिए फिल्म सिटी पहुंचना आसान होगा।"
शुरुआती परेशानी के बावजूद ज़्यादातर लोगों ने तीनों पुलों के खुलने का स्वागत किया। विद्याविहार के रहने वाले संजय महाडिक ने कहा, "पूर्व और पश्चिम के बीच आना-जाना रोज़ की जद्दोजहद थी, क्योंकि आज तक ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे या ईस्टर्न फ्रीवे से जाना पड़ता था। ऑफिस के वक्त ये दोनों रास्ते खचाखच भरे रहते हैं। इस पुल से काफी वक्त बचेगा और रोज़ का सफर आसान होगा।"
घाटकोपर से रोज़ सड़क के रास्ते सायन अस्पताल जाने वाली भारती राणे ने कहा, "सायन के आसपास का ट्रैफिक ऑफिस के वक्त बेहद परेशान करने वाला होता है। इस पुल से यह हिस्सा पार करना काफी आसान होना चाहिए। हम बहुत समय से इस पुल का इंतज़ार कर रहे थे। अफसोस है कि उद्घाटन के फौरन बाद ट्रैफिक नहीं चलने दिया गया, लेकिन इसके खुलने से रोज़ आने-जाने वालों को, खासकर धारावी से सायन आने वाले सभी छात्रों को, आखिर बड़ी राहत मिलेगी।"
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