मंगलवार, 3 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

मुख्यमंत्री फडणवीस के OSD बनकर ठेकेदार से 3.25 करोड़ ठगने का आरोपी गिरफ्तार

मुख्यमंत्री फडणवीस के OSD बनकर ठेकेदार से 3.25 करोड़ ठगने का आरोपी गिरफ्तार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 अपराध डेस्क

मरीन ड्राइव पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर के 40 साल के आसिफ इस्माईल पठान को गिरफ़्तार किया है। आरोप है कि उसने खुद को मुख्यमंत्री का OSD बताकर ठेकेदार से 3.25 करोड़ रुपये लिए।

मुंबई की मरीन ड्राइव पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले 40 साल के आसिफ इस्माईल पठान को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने खुद को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विशेष कार्य अधिकारी यानी OSD बताकर एक ठेकेदार से 3.25 करोड़ रुपये की ठगी की।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने ठेकेदार को भरोसा दिलाया था कि वह उनके 50 करोड़ रुपये के अटके हुए PWD बिल पास करवा देगा। बिल मंजूर कराने के लिए कमिशन के नाम पर 3.25 करोड़ रुपये लेने का आरोप है। इतनी रकम लेने के बाद भी आरोपी की तरफ से 75 लाख रुपये और मांगे गए।

शिकायत अकोला की ओबेरॉय कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार रणजीतसिंग ओबेरॉय ने दर्ज कराई है। उनके बिल लंबे समय से रुके हुए थे। आरोप है कि आरोपी ने पहले उनका भरोसा जीता और कहा कि वह मंत्रालय में बड़े पद पर काम करता है। उसकी बात पर यकीन करके ओबेरॉय तय दिन यानी 10 सितंबर को मुंबई पहुंचे।

उस दिन आरोपी आसिफ इस्माईल पठान ने कथित तौर पर एक साथी की मदद से 1.25 करोड़ रुपये लिए। इस दौरान भी उसने खुद को मंत्रालय का वरिष्ठ अधिकारी ही बताया था।

पोल तब खुली जब ओबेरॉय 30 सितंबर को मंत्रालय गए और वहां पूछताछ की। उन्हें पता चला कि ऐसा कोई आदमी सरकारी अधिकारी है ही नहीं। ठगी का अंदाजा होते ही उन्होंने पुलिस में शिकायत दी।

आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 6 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले में शामिल बाकी साथियों की तलाश कर रही है। साथ ही ली गई रकम और वारदात में इस्तेमाल हुई गाड़ी को जब्त करने के लिए भी जांच चल रही है।

पुलिस को शक है कि इसी तरीके से दूसरे ठेकेदारों के साथ भी धोखाधड़ी हुई हो सकती है। इस बारे में जांच जारी है।

#मुंबई#जुर्म#PT24#Crime#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे