जिस मंडल में मुख्यमंत्री पहुंचे, वहां हो रही थी बिजली चोरी
विवादस्पद नेता मुन्ना यादव का है गणेश मंडल, महावितरण ने जुर्माना लेकर मामला निपटाया
खास बातें
- मंडल से मुन्ना यादव एवं उनके परिवार का गहरा नाता है. बस नाम के लिए मनीष साहू अध्यक्ष है.
- मंडल ने सारा दोष डेकोरेटर प्रदीप मिश्रा पर डाला है. यह भी कहा जा रहा है कि महावितरण द्वारा समय पर मीटर नहीं देने की वजह से चोरी हुई है.
- गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के यहां आने पर मुन्ना यादव के बेटे अर्जुन ने उनका सत्कार किया था.
नागपुर.
बुधवार की शाम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अजनी चौक के जिस गणेश मंडल में गए थे, वहां बिजली चोरी का गंभीर मामला सामने आया है. यह गणेश मंडल राज्य बांधकाम मंडल के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता मुन्ना यादव से जुड़ा हुआ है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणरवीस के करीबी बताए जानेवाले मुन्ना यादव का विवादों से गहरा नाता रहा है. उनकी पत्नी लक्ष्मी यादव भी भाजपा की पार्षद है. बेटे अर्जुन यादव पर भी मारपीट के मामले दर्ज हैं.
गुरुवार की रात महावितरण को अजनी चौक स्थित अजनी चौक गणेश मंडल द्वारा सजावट के लिए बिजली चोरी होने की जानकारी दी गई. लेकिन महावितरण ने रात में कोई कार्रवाई नहीं की. दबाव बढ़ने पर शुक्रवार सुबह महावितरण ने जांच कर बिजली चोरी होने का खुलासा किया. इसके साथ ही बिजली चोरी की खबर आग की तरह फैल गई. महावितरण ने इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 135 के तहत मामला पंजीकृत कर जुर्माना सहित 13 हजार रु. का बिल लगाया. लेकिन आश्चर्यजनक तरीके से पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराया. कंपनी का तर्क है कि आरोपी ने राशि भर दी है और वह नया मीटर भी ले रहा है. इसलिए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं जाएगी. मुन्ना यादव और उनके परिजनों का हमेशा ही विवादों से नाता रहा है. उनके खिलाफ हत्या का प्रयास सहित कई गंभीर मामले दर्ज है.
सत्ताधारी पार्टी का 'लेबल' लगा होने से पुलिस और प्रशाषण यादव परिवार के सामने बौना साबित होता है. उनके खिलाफ कार्रवाई की भनक लगते ही पुलिस अधिकारियों के मोबाइल की 'रिंग टोन' बजने लगती है. उसके बाद प्रकरण को सस्से में अथवा सुलह के नाम पर निपटा दिया जाता है. ताजा प्रकरण में भी यदि किसी दूसरे मंडल ने महावितरण की लाचारी साफ दिखाई दे रही है. रात को बिजली चोरी का पता चलने के बाद भी उसकी टीम सुबह बवाल होने का इंतजार करती रही. पंचनाने के बाद भी मामला दर्ज करने की बजाया जुर्माना लेकर रवाना हो गई. एक पखवाड़ा पहले भी अजनी चौक पर आयोजित दही हांडी में पाबंदी के बावजूद डीजे बजाया गया था. उस प्रकरण में भी धंतोली पुलिस ने मामला दर्ज किया था. गुरुवार की शाम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आगमन के दौरान भी पुलिस अधिकारी से विवाद किया गया था. महिला आला अधिकारी द्वारा नसीहत दिए जाने पर उससे भी उलझेने का प्रयास किया गया था. ताजा प्रकरण में मंडल के मंडल के पदाधिकारी ने बिजली चोरी से इनकार किया है. उनका कहना है कि मंडल से मुन्ना यादव और उनके परिवार का कोई वास्ता नहीं है.