शुक्रवार, 18 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
16:15 IST

इंडिगो का नया नियम: दो साल तक के बच्चों को गोद में बिठाने पर अब 3 हजार चार्ज

इंडिगो ने घरेलू उड़ानों में शिशुओं के किराए में 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी कर दी है, जबकि बच्चे को सीट अलग से नहीं मिलती।

इंडिगो का नया नियम: दो साल तक के बच्चों को गोद में बिठाने पर अब 3 हजार चार्ज
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

प्लेन से सफर करने वाले पेरेंट्स के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। देश की बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शुमार इंडिगो ने घरेलू उड़ानों में सफर करने वाले छोटे बच्चों के चार्ज में बढ़ोतरी कर दी है। अब दो साल तक की उम्र के बच्चे के लिए 3,000 रुपये चार्ज लिया जाएगा।

खास बात यह है कि इतना चार्ज देने के बावजूद बच्चे को अलग सीट या कोई एक्स्ट्रा सुविधा नहीं मिलेगी। इससे बच्चों के साथ प्लेन में सफर करने वाले परिवारों का खर्च और बढ़ने वाला है।

इंडिगो की ऑफिशियल फीस लिस्ट के मुताबिक, घरेलू उड़ान में दो साल तक के बच्चे के लिए 3,000 रुपये चार्ज तय किया गया है। एयरलाइन के नियमों के हिसाब से इस उम्र के बच्चों की अलग सीट बुक नहीं होती। उन्हें एडल्ट पैसेंजर की गोद में बैठकर ही सफर करना पड़ता है। यानी पेरेंट्स को बच्चे के लिए अलग सीट न मिलने के बावजूद तय चार्ज भरना होगा।

बच्चों के साथ प्लेन से सफर करने वाले परिवारों के लिए इस चार्ज बढ़ोतरी का सीधा असर उनके पूरे बजट पर पड़ सकता है। खासकर जब परिवार के दो या उससे ज्यादा मेंबर साथ सफर कर रहे हों, तो टिकट, एयरपोर्ट फीस और बाकी सफर के खर्च के साथ अब बच्चे का चार्ज भी जुड़ जाएगा।

बच्चे को अलग सीट या कोई एक्स्ट्रा सुविधा न मिलने की वजह से इस चार्ज को लेकर पेरेंट्स के बीच चर्चा होने की संभावना है। अलग-अलग एयरलाइन कंपनियों के बच्चों के सफर से जुड़े नियमों में उम्र की सीमा और चार्ज अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए टिकट बुक करने से पहले संबंधित एयरलाइन के ऑफिशियल नियमों की जानकारी लेना जरूरी है।

इंडिगो ने दो साल से कम उम्र के बच्चों के घरेलू सफर के चार्ज में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की है। पहले यह चार्ज 2,000 रुपये था, जो अब बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि पेरेंट्स को हर सफर के लिए 1,000 रुपये एक्स्ट्रा देने होंगे। खास बात यह है कि इन बच्चों को प्लेन में अलग सीट नहीं मिलती, वे पेरेंट्स की गोद में बैठकर ही सफर करते हैं।

इसके बावजूद टिकट बुक करते वक्त बच्चे की जानकारी देना जरूरी होता है और उसके लिए तय चार्ज भरना पड़ता है। सफर के दौरान बच्चे की उम्र का सबूत साथ रखना जरूरी है। इंडिगो के नियमों के मुताबिक 3 दिन से ज्यादा और 2 साल तक के बच्चों को 'शिशु' माना जाता है।

इंडिगो ने 'फ्लाइंग सोलो / अनअकंपनीड माइनर' सर्विस के तहत अकेले सफर करने वाले नाबालिग बच्चों के घरेलू सफर का चार्ज 5,999 रुपये तय किया है। 5 से 12 साल की उम्र के बच्चे इस सर्विस का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन 5 साल से कम उम्र के बच्चों को अकेले सफर करने की इजाजत नहीं है। इससे साफ है कि छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवार के लिए सिर्फ मूल टिकट की कीमत काफी नहीं होती, बल्कि शिशु चार्ज और दूसरी एक्स्ट्रा सर्विसेज की वजह से सफर का कुल खर्च बढ़ जाता है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे