तानसा बांध में ट्रांसफॉर्मर चोरी के बाद बढ़ेगी निगरानी, लगेंगे और सीसीटीवी
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तानसा बांध के वर्कशॉप और फिल्टर प्लांट से ट्रांसफॉर्मर और वेल्डिंग केबल चोरी होने के बाद मुंबई महानगरपालिका अतिरिक्त सीसीटीवी सिस्टम लगाएगी। इस पर 52 लाख 34 हजार 452 रुपये खर्च होंगे।
तानसा बांध (Tansa Dam) परिसर में चोरी की वारदात सामने आई है। बांध के वर्कशॉप और फिल्टर प्लांट वाले हिस्से से ट्रांसफॉर्मर और वेल्डिंग केबल चुरा ली गईं। इसके बाद बांध परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी सिस्टम लगाने का फैसला किया गया है। इस काम पर महानगरपालिका 52 लाख 34 हजार 452 रुपये खर्च करेगी।
मुंबई शहर को हर दिन करीब 4100 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई अलग अलग जलस्रोतों से होती है। इसमें तानसा बांध का बड़ा हिस्सा है। इस बांध से रोज करीब 450 मिलियन लीटर पानी मुंबईवासियों तक पहुंचता है। शहर की पानी सप्लाई बिना रुकावट चलती रहे, इसके लिए तानसा बांध का संचालन और रखरखाव बेहद अहम माना गया है। मुंबई महानगरपालिका इसी हिसाब से कदम उठा रही है।
फिलहाल बांध के प्रवेशद्वार, तानसा यार्ड, स्काडा कक्ष, आउटलेट कुआं और स्पिलवे के कुछ हिस्सों में ही सीसीटीवी चालू हैं। बांध की कई अहम मशीनें और इलाके अब भी कैमरों की नजर से बाहर हैं। अनजान चोरों ने इसी कमी का फायदा उठाया और वर्कशॉप व फिल्टर प्लांट के आसपास से ट्रांसफॉर्मर और वेल्डिंग केबल उड़ा ले गए। वर्कशॉप के पास कैमरे नहीं थे, इसलिए चोरों का सुराग ढूंढने में दिक्कत आई।
इसी वजह से शहर के बाहर वाले विभाग के तानसा बांध पर अतिरिक्त सीसीटीवी निगरानी सिस्टम खड़ा करने का काम हाथ में लिया जाएगा। इस काम में सिस्टम का डिजाइन, सामान की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और असल में चालू करना, सब शामिल है। इसके मुताबिक महानगरपालिका प्रशासन जरूरी कार्रवाई करेगा।
तानसा बांध 1892 में चालू हुआ पत्थर का बांध है। यह मुंबई से करीब 90 किलोमीटर दूर घने जंगल वाले इलाके में बसा है। बांध परिसर में निरीक्षण बंगला, मोडक बंगला, इंजीनियरों के दफ्तर, दवाखाना, सुरक्षा चौकी, वायरलेस कंट्रोल रूम, भंडार कक्ष, आउटलेट कुआं, छोटी जलविद्युत परियोजना और कार्यशाला जैसी कई अहम सुविधाएं हैं। इतने सारे ठिकानों को देखते हुए निगरानी का दायरा बढ़ाना जरूरी समझा गया है।
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