जरांगे की 500 करोड़ वाली ऑडिओ क्लिप पर SIT बनी, बलकवडे के हाथ में जांच
मुख्यमंत्री फडणवीस के निर्देश पर मुंबई पुलिस ने तीन सदस्यों की SIT बनाई है। अप्पर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे इसके प्रमुख हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मराठा आरक्षण आंदोलक मनोज जरांगे पाटील ने 500 करोड़ रुपये की एक कथित ऑडिओ क्लिप सामने रखी थी। इस पर राज्य में सियासी बहस गरम है। अब इस मामले में बड़ी जानकारी आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि मामले की गहरी जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT बनाई जाए। इसके बाद अप्पर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे की अध्यक्षता में तीन स्तर की SIT का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है।
इस क्लिप में दावा किया गया था कि सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए मनोज जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए। जरांगे ने सरकार से मांग की थी कि क्लिप की निष्पक्ष जांच हो और इसके पीछे जो लोग हैं, उनका चेहरा सबके सामने आए।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और SIT बना दी। पूरी जिम्मेदारी अप्पर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे को दी गई है। अध्यक्ष शैलेश बलकवडे हैं, जो अप्पर पुलिस आयुक्त हैं। सदस्य के तौर पर पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर और पुलिस उपायुक्त बजरंग बनसोडे टीम में शामिल हैं।
SIT बनने के बाद जरांगे ने एक बार फिर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी, "सिर्फ SIT बनाकर छक्के-पंजे मत खेलिए, इस जांच की जड़ तक जाना जरूरी है।" जरांगे ने फिर कहा कि यह क्लिप AI से बनी नहीं है, 100 फीसदी असली है। उनका दावा है कि इतनी बड़ी क्लिप AI से बनाई ही नहीं जा सकती।
जरांगे ने आगे कहा, "यह क्लिप पूरे देश में वायरल हो रही है। क्लिप में जो विचार हैं, वे बेहद जहरीले हैं और इस प्लानिंग को खत्म किया जाना चाहिए। SIT प्रमुख शैलेश बलकवडे जालना के एसपी रह चुके हैं। वे देवेंद्र फडणवीस के खास हैं, फिर भी उनका काम निष्पक्ष होना चाहिए।"
जरांगे ने एक और सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "क्या यह एकनाथ शिंदे का करियर बर्बाद करने की कोशिश थी? शिंदे और फडणवीस के बीच बड़ी खदखद है। इस जांच की गहराई में गए तो साफ होगा कि फडणवीस का भी गेम किया जाने वाला था।"
दूसरी तरफ इस 500 करोड़ के ऑडिओ बम पर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सीधे चिट्ठी लिखी है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) या किसी और बड़ी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए। इसके जवाब में भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा का कहना है कि यह ऑडिओ क्लिप पूरी तरह AI से बनी है और जांच संजय राऊत की ही होनी चाहिए।
अब पूरे महाराष्ट्र की नजर इस पर है कि SIT की फॉरेन्सिक जांच में सच क्या निकलता है।
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