शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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अमित साटम बोले, पर्यावरण पर बोलना फैशन बन गया है, कुछ नेताओं-अभिनेताओं को क्लास की जरूरत

अमित साटम बोले, पर्यावरण पर बोलना फैशन बन गया है, कुछ नेताओं-अभिनेताओं को क्लास की जरूरत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 मुंबई टीम

मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने कर्जत के पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए पर्यावरण पर बोलने वालों पर निशाना साधा।

मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने कहा है कि आजकल पर्यावरण और ग्लोबल वॉर्मिंग पर बोलना एक फैशन बन गया है। उनके मुताबिक बहुत से लोग शाश्वत विकास का असली मतलब, यानी उसकी डेफिनेशन ही नहीं समझते। साटम ने कहा कि शाश्वत विकास वह है जिसमें पर्यावरण का संतुलन रखा जाए, ताकि आने वाले वक्त में जो पीढ़ियां जन्म लें, उन्हें इस विकास का कोई झटका न लगे और कोई तकलीफ न हो।

यह बयान ऐसे वक्त आया है जब कर्जत में हुई पेड़ों की कटाई को लेकर सरकार पर जमकर आलोचना हो रही है। भीमाशंकर के जंगल में एक पंप हाउस प्रोजेक्ट के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ काटे गए। इसी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति गरमा गई है।

साटम ने कहा कि कई लोग पर्यावरण की कॉन्फ्रेंस में शामिल होते हैं और जब पर्यावरण का मुद्दा आता है तो खुद को अकेला हिमायती यानी रखवाला बताकर घूमते हैं। उनका कहना था कि क्लीन एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वॉर्मिंग के कैलक्युलेशन्स क्या हैं, इसकी ट्यूशन महाराष्ट्र के कुछ नेताओं और अभिनेताओं को लेनी जरूरी है, ऐसा हमें लगता है। उन्होंने बताया कि पंप स्टोरेज प्लांट यानी बिजली बनाने का प्रोजेक्ट है और दुनिया भर में पंप स्टोरेज की क्षमता बढ़ रही है। चीन, अमेरिका और जापान में ये प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़े हैं।

साटम के मुताबिक क्लीन एनर्जी का मतलब सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, हाइड्रो पावर एनर्जी और पंप स्टोरेज की एनर्जी है। उन्होंने कहा कि भारत 2070 में नेट एमिशन जीरो होगा। महाराष्ट्र के एक पिछले पर्यावरण मंत्री ने कहा था कि महाराष्ट्र 2050 में नेट एमिशन जीरो होगा। साटम ने इस पर टिप्पणी की कि उन्हें नेट एमिशन जीरो का मतलब ही समझ नहीं आता, समझ आता तो ऐसी बातें न करते।

साटम ने कहा कि 2070 तक नेट एमिशन जीरो होना है तो सोलर, न्यूक्लियर, विंड और पंप स्टोरेज एनर्जी बढ़ानी पड़ेगी। कोयले से बिजली बनाने पर बड़े पैमाने पर ग्रीन हाउस एमिशन्स होते हैं और उन्हें घटाने के लिए पेड़ लगाने पड़ते हैं। कितने पेड़ लगाने पर कार्बन एमिशन्स नेट जीरो हो सकते हैं, इसका एक कैलक्युलेशन है। उसकी ट्यूशन महाराष्ट्र के कुछ नेताओं और अभिनेताओं को लेना जरूरी है, यह बात उन्होंने दोहराई।

कर्जत के साई डोंगर का जिक्र करते हुए साटम ने बताया कि वहां पंप स्टोरेज का 3000 मेगावॉट का प्लांट है। उसके फायदे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस साहब ने बताए हैं और उन्होंने स्टेटमेंट भी दिया है। साटम ने कहा कि वे उसकी डिटेल में नहीं जाना चाहते और प्रेस नोट इश्यू नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि सोलर एनर्जी दिन में मिलती है, रात में नहीं मिलती। शाम को पावर चाहिए हो तो कोयले से चलने वाले 3000 थर्मल पावर मेगावॉट के पावर प्लांट से जितना कार्बन एमिशन होगा, उसे कम करने के लिए 28 करोड़ पेड़ लगाने पड़ेंगे। साटम के मुताबिक इसके लिए मुंबई से 15 गुना जगह लगेगी।

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