'लस्ट स्टोरीज ३' रिव्यू: चार डायरेक्टरों की कहानियां, इंसानी ख्वाहिशों पर नया नजरिया
नेटफ्लिक्स की एंथोलॉजी सीरीज का तीसरा पार्ट रिलीज हो गया है, चार अलग-अलग डायरेक्टरों की कहानियां लेकर।
नेटफ्लिक्स की चर्चित एंथोलॉजी फ्रेंचाइजी का तीसरा पार्ट 'लस्ट स्टोरीज ३' रिलीज हो चुका है। इस बोल्ड और एंटरटेनिंग शो को 3.5 स्टार रेटिंग दी गई है। चार अलग-अलग डायरेक्टरों ने इसकी कहानियां बनाई हैं, और हर कहानी अपने अलग अंदाज में इंसानी इच्छाओं की बात करती है।
सीरीज की शुरुआत विक्रमादित्य मोटवाने की डायरेक्ट की हुई कहानी से होती है, जिसमें कोंकणा सेन शर्मा और राधिका आप्टे लीड रोल में हैं। यह कांदिवली की दो शादीशुदा औरतों की कहानी है, जिसे मोटवाने ने हल्के-फुल्के और मजेदार अंदाज में पेश किया है। बोरिंग शादीशुदा जिंदगी से परेशान होकर के-ड्रामा से इंस्पायर्ड होकर ये दोनों जो फैसला लेती हैं, वह कहानी में जबरदस्त सिचुएशनल कॉमेडी पैदा करता है। विजय वर्मा का सहज अभिनय और कोंकणा-राधिका की जोड़ी दर्शकों को खूब हंसाती है।
किरण राव के हिस्से में मुंबई शहर के बैकग्राउंड में एक नेल आर्टिस्ट (साना थंपी) और डिलीवरी बॉय (गुरफतेह पीरजादा) के बीच पनपते और बदलते रिश्ते को दिखाया गया है, जहां महत्वाकांक्षा और हालात आकर्षण पर हावी हो जाते हैं। दूसरी तरफ शकुन बत्रा की कहानी में अली फजल और राधिका मदान एक ऐसे शादीशुदा जोड़े के रोल में हैं जिनकी शादी टूटने के कगार पर है। शकुन बत्रा ने बातचीत की कमी और इंसानी भावनाओं की उलझन को बहुत बारीकी से पकड़ा है।
पूरी एंथोलॉजी में सबसे यादगार और खूबसूरत हिस्सा विशाल भारद्वाज की डायरेक्ट की हुई आखिरी कहानी है। 1978 के हैदराबाद के बैकग्राउंड पर आधारित इस कहानी में अदिती राव हैदरी (सायरा) और सिद्धार्थ (बद्रू) लीड रोल में हैं। हैदराबादी दक्खिनी बोली, सआदत हसन मंटो के लेखन की झलक और एक हाउसवाइफ की दबी हुई ख्वाहिशों को विशाल भारद्वाज ने अपने शायराना अंदाज में पर्दे पर उतारा है। अदिती राव हैदरी का अभिनय बेहद मासूम और बोल्ड है, वहीं गजराज राव ने ससुर के छोटे से रोल में कहानी का मजा और बढ़ा दिया है।
'लस्ट स्टोरीज ३' बिना कोई फिलॉसफी झाड़े या सिर्फ पब्लिसिटी बटोरने की कोशिश किए, इंसानी इच्छाओं, उनकी पूर्ति और शारीरिक आकर्षण को बड़े मनोरंजक और हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करती है। यह सीरीज बिना किसी झिझक के इंसानी ख्वाहिशों पर बात करती है और दर्शकों का अच्छा-खासा मनोरंजन करती है। बढ़िया अभिनय, अच्छी डायरेक्शन और हल्के-फुल्के मूड की वजह से वीकेंड में देखने के लिए यह एक अच्छी और मनोरंजक ओटीटी सीरीज है।